रंग सारे फीके फीके ही लगेंगे मुझ को अब उन की आँखों का जो काला सुर्मा देखा है अभी
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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आईने आँख में चुभते थे बिस्तर से बदन कतराता था एक याद बसर करती थी मुझे मैं साँस नहीं ले पाता था
Tehzeeb Hafi
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मुझे आज़ाद कर दो एक दिन सब सच बता कर तुम्हारे और उस के दरमियाँ क्या चल रहा है
Tehzeeb Hafi
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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है
Tehzeeb Hafi
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और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनिया बुरी लग गई जिस को आबाद करते हुए मेरे मां-बाप की ज़िंदगी लग गई
Tehzeeb Hafi
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'हर्ष' वस्ल में जितनी मर्ज़ी शे'र कह लो तुम हिज्र के बिना इन में जान आ नहीं सकती
Harsh saxena
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और कितनी अब वफ़ादारी दिखाएँ तुझ को जानाँ हमनें तेरी बेवफ़ाई भी छिपाई है जहाँ से
Harsh saxena
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हासिल न कर पाया तुझे मैं मिन्नतों के बा'द भी उम्मीद सेंटा से लगाना लाज़मी भी है मिरा
Harsh saxena
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तुम भला उस प्रेम की गहराई क्या समझोगे जानाँ जो कभी ख़्वाबों में भी अपनी न सरहद लाँघता है
Harsh saxena
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इस ज़िंदगानी की ग़ज़ल का क़ाफ़िया सा लगता है उस के बिना तो जैसे पूरा घर बुझा सा लगता है यूँँ तो कोई मंदिर नहीं दुनिया में उस के नाम का लेकिन न जाने क्यूँ मुझे वो देवता सा लगता है
Harsh saxena
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