तुम भला उस प्रेम की गहराई क्या समझोगे जानाँ जो कभी ख़्वाबों में भी अपनी न सरहद लाँघता है
Related Sher
क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
156 likes
होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
145 likes
मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
152 likes
हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता
Mirza Ghalib
149 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
More from Harsh saxena
दुनिया के भरम को कुछ यूँँ तोड़ दिया मैं ने इस बार नसीबों का रुख़ मोड़ दिया मैं ने
Harsh saxena
1 likes
हासिल न कर पाया तुझे मैं मिन्नतों के बा'द भी उम्मीद सेंटा से लगाना लाज़मी भी है मिरा
Harsh saxena
1 likes
रंग सारे फीके फीके ही लगेंगे मुझ को अब उन की आँखों का जो काला सुर्मा देखा है अभी
Harsh saxena
3 likes
जज़्बातों को सहज लफ्ज़ों में पिरोता हूँ मैं लिखता फ़क़त वही हूँ जो सच में होता हूँ मैं
Harsh saxena
5 likes
किसी को उस नज़र से इस लिए देखा नहीं हम ने ज़माने भर में तुझ जैसी भला लज़्ज़त कहाँ होगी
Harsh saxena
4 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Harsh saxena.
Similar Moods
More moods that pair well with Harsh saxena's sher.







