रक़्स करती है पूरे बदन पे मेरे उस की बिखरी हुई ज़ुल्फ़ का क्या करें
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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आज इक और बरस बीत गया उस के बग़ैर जिस के होते हुए होते थे ज़माने मेरे
Ahmad Faraz
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फ़ासले ऐसे भी होंगे ये कभी सोचा न था सामने बैठा था मेरे और वो मेरा न था
Adeem Hashmi
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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कोई हसीन बदन जिन की दस्तरस में नहीं यही कहेंगे कि कुछ फ़ाएदा हवस में नहीं
Umair Najmi
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ज़रा सा ख़यालों में क्या खो गए हम ख़यालों ने हम को हक़ीक़त दिखा दी
Rachit Sonkar
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छू न पाए उसे देख कर आ गए उस बदन की हिफ़ाज़त कड़ी थी बहुत
Rachit Sonkar
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धोका खा कर भी नहीं समझा कोई हुस्न की जानिब क़दम फिर चल दिए
Rachit Sonkar
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ज़िंदगी फ़क़त हँसते-हँसते तो नहीं कटती कितना भी छुपाओ तुम अश्क आ ही जाते हैं
Rachit Sonkar
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ज़िंदगी इक ख़्वाब है जिस को हमें जीना पड़ता है हक़ीक़त की तरह
Rachit Sonkar
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