रोक ले ऐ ज़ब्त जो आँसू कि चश्म-ए-तर में है कुछ नहीं बिगड़ा अभी तक घर की दौलत घर में है
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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इस लिए ये महीना ही शामिल नहीं उम्र की जंत्री में हमारी उस ने इक दिन कहा था कि शादी है इस फरवरी में हमारी
Tehzeeb Hafi
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उस की तस्वीरें हैं दिलकश तो होंगी जैसी दीवारें हैं वैसा साया है एक मैं हूँ जो तेरे क़त्ल की कोशिश में था एक तू है जो जेल में खाना लाया है
Tehzeeb Hafi
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ये सदमा जीते जी दिल से हमारे जा नहीं सकता उन्हें वो भूले बैठे हैं जो उन पर मरने वाले हैं
Ahsan Marahravi
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किसी माशूक़ का आशिक़ से ख़फ़ा हो जाना रूह का जिस्म से गोया है जुदा हो जाना
Ahsan Marahravi
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तमाम उम्र इसी रंज में तमाम हुई कभी ये तुम ने न पूछा तेरी ख़ुशी क्या है
Ahsan Marahravi
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मौत ही आप के बीमार की क़िस्मत में न थी वर्ना कब ज़हर का मुमकिन था दवा हो जाना
Ahsan Marahravi
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मुझे ख़बर नहीं ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है ये ज़िंदगी की है सूरत तो ज़िंदगी क्या है
Ahsan Marahravi
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