सारे रिश्ते फ़ुज़ूल जाते हैं भूलने वाले भूल जाते हैं ये ख़बर आई है कि उस गली में तोहफ़े में अब भी फूल जाते हैैं
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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ये उदास शाम और तेरी याद फ़ुर्क़तों के जाम और तेरी याद जान ही कहीं मेरी ले न जाए 'जौन' का कलाम और तेरी याद
Viru Panwar Viyogi
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ज़िंदगी को समझते थे तोहफ़ा ज़िंदगी तो मगर सज़ा निकली मैं ने जब चाहा तब नहीं आई मौत भी यार बे-वफ़ा निकली
Viru Panwar Viyogi
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ये दिल-ओ-ज़ेहन भी चमक उठते रौशनी इस तरह बनानी थी उस की नज़रों में भी न आ पाए जिस के दिल में जगह बनानी थी
Viru Panwar Viyogi
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तुम्हारा ग़म हमारे काम आने लग गया है हमारा शाइरों में नाम आने लग गया है वो अब रखने लगी है लब किसी और के लबों पर हमारे होंठों तक भी जाम आने लग गया है
Viru Panwar Viyogi
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शे'र सारे मुकम्मल हुए इश्क़ लेकिन अधूरा रहा
Viru Panwar Viyogi
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