तुम्हारा ग़म हमारे काम आने लग गया है हमारा शाइरों में नाम आने लग गया है वो अब रखने लगी है लब किसी और के लबों पर हमारे होंठों तक भी जाम आने लग गया है
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वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता
Parveen Shakir
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रूठा था मैं बहुत दिनों से मान गया लेकिन कान पकड़ कर जब वो बोली सोरी-वोरी सब
Sandeep Thakur
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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या
Ankita Singh
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चल गया होगा पता ये आप को बे-वफ़ा कहते हैं लड़के आप को इक ज़रा से हुस्न पर इतनी अकड़ तू समझती क्या है अपने आप को
Kushal Dauneria
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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ज़िंदगी इस तरह गुज़ारी है जैसे सर से बला उतारी है
Viru Panwar Viyogi
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ज़िंदगी को समझते थे तोहफ़ा ज़िंदगी तो मगर सज़ा निकली मैं ने जब चाहा तब नहीं आई मौत भी यार बे-वफ़ा निकली
Viru Panwar Viyogi
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उस के अहबाब बढ़ते जाते हैं मेरी तन्हाई बढ़ती जाती है
Viru Panwar Viyogi
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फूल जैसे हसीन चेहरे से ज़ख़्म खाए तो शेर कहने लगे उस से बिछड़े तो रो न पाए हम रो न पाए तो शेर कहने लगे
Viru Panwar Viyogi
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शे'र सारे मुकम्मल हुए इश्क़ लेकिन अधूरा रहा
Viru Panwar Viyogi
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