saya hai kam khajur ke unche darakht ka ummid bandhiye na bade aadmi ke sath
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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ये दाढ़ियाँ ये तिलकधारियाँ नहीं चलतीं हमारे अहद में मक्कारियाँ नहीं चलतीं क़बीले वालों के दिल जोड़िए मेरे सरदार सरों को काट के सरदारियाँ नहीं चलतीं
Kaif Bhopali
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माँ की आग़ोश में कल मौत की आग़ोश में आज हम को दुनिया में ये दो वक़्त सुहाने से मिले
Kaif Bhopali
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कौन आएगा यहाँ कोई न आया होगा मेरा दरवाज़ा हवाओं ने हिलाया होगा
Kaif Bhopali
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थोड़ा सा अक्स चाँद के पैकर में डाल दे तू आ के जान रात के मंज़र में डाल दे
Kaif Bhopali
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ज़िंदगी शायद इसी का नाम है दूरियाँ मजबूरियाँ तन्हाइयाँ
Kaif Bhopali
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