सब ज़रूरत का तो सामान है घर में रहिए क्या हुआ गर कोई हलकान है घर में रहिए
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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ये मैं ने कब कहा कि मेरे हक़ में फ़ैसला करे अगर वो मुझ से ख़ुश नहीं है तो मुझे जुदा करे मैं उस के साथ जिस तरह गुज़ारता हूँ ज़िंदगी उसे तो चाहिए कि मेरा शुक्रिया अदा करे
Tehzeeb Hafi
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या तो भरम बना रहे इतना ख़ुदा करे इनकार अपने होने से वरना ख़ुदा करे मुश्किल है मेरा काम तो मिल बाँटकर करें आधा करा दें राम जी आधा ख़ुदा करे
Vineet Aashna
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ख़ुश रहते हैं हँस सकते हैं भोले भाले होते हैं वो जो शे'र नहीं कहते हैं क़िस्मत वाले होते हैं पीना अच्छी बात नहीं है आते हैं समझाने दोस्त और ढलते ही शाम उन्हें फिर हमीं सँभाले होते हैं
Vineet Aashna
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