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सफ़र से लौट जाना चाहता है परिंदा आशियाना चाहता है

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अब ज़रूरी तो नहीं है कि वो सब कुछ कह दे दिल में जो कुछ भी हो आँखों से नज़र आता है मैं उस सेे सिर्फ़ ये कहता हूँ कि घर जाना है और वो मारने मरने पे उतर आता है

Tehzeeb Hafi

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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो

Jawwad Sheikh

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ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे इक आग का दरिया है और डूब के जाना है

Jigar Moradabadi

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पहले उस की ख़ुशबू मैं ने ख़ुद पर तारी की फिर मैं ने उस फूल से मिलने की तैयारी की इतना दुख था मुझ को तेरे लौट के जाने का मैं ने घर के दरवाज़ों से भी मुँह मारी की

Tehzeeb Hafi

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वो सच्चाई की मूरत भी नहीं थी उसे मेरी ज़रूरत भी नहीं थी मैं जिस शिद्दत से उस को चाहता था वो उतनी ख़ूब-सूरत भी नहीं थी

Tanveer Ghazi

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