समझ सकता नहीं कोई मिरी हालत को 'माधव' जी मैं उस को देख सकता हूँ मगर अब छू नहीं सकता
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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पहले आना आ कर जाना आप की मर्ज़ी थी सारी मेरा क्या है मैं तो तन्हा कल भी था और आज भी हूँ
Murari Mandal
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युद्धों के परिणाम अवध में लौटे हैं जबसे अपने राम अवध में लौटे हैं ऐसी ज्योति जगी है घर में दीपों से जैसे चारों धाम अवध में लौटे हैं
Murari Mandal
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ये है मिथ्या सताती है मुहब्बत सभी को रास आती है मुहब्बत मेरे सपने में आ कर एक लड़की मुझे जबरन सिखाती है मुहब्बत
Murari Mandal
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तुम्हारे भी अधर महसूस कर पाए वो ठंडक कभी जो कल्पना कर के उसे चूमा करूँँगा
Murari Mandal
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नया घर औ नया जीवन मुबारक सनम तुम को नया साजन मुबारक सजा है चाँद सा मुखड़ा तुम्हारा लगी है हाथ जो उबटन मुबारक
Murari Mandal
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