तुम्हारे भी अधर महसूस कर पाए वो ठंडक कभी जो कल्पना कर के उसे चूमा करूँँगा
Related Sher
वो अक़्ल-मंद कभी जोश में नहीं आता गले तो लगता है आग़ोश में नहीं आता
Farhat Ehsaas
61 likes
गँवाई किस की तमन्ना में ज़िंदगी मैं ने वो कौन है जिसे देखा नहीं कभी मैं ने
Jaun Elia
60 likes
सिगरेट की शक्ल में कभी चाय की शक्ल में इक प्यास है कि जिस को पिए जा रहे हैं हम
Ameer Imam
62 likes
ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
173 likes
मुझे आज़ाद कर दो एक दिन सब सच बता कर तुम्हारे और उस के दरमियाँ क्या चल रहा है
Tehzeeb Hafi
222 likes
More from Murari Mandal
पहले आना आ कर जाना आप की मर्ज़ी थी सारी मेरा क्या है मैं तो तन्हा कल भी था और आज भी हूँ
Murari Mandal
0 likes
समझ सकता नहीं कोई मिरी हालत को 'माधव' जी मैं उस को देख सकता हूँ मगर अब छू नहीं सकता
Murari Mandal
1 likes
यारों हमारे दरमियाँ जो चल रहा था वो वो गुफ़्तगू थी दोस्ती उस के हिसाब से
Murari Mandal
2 likes
अभी तो फ़र्क़ भी पड़ता नहीं कोई बिछड़ कर लोग मरते थे बहुत पहले
Murari Mandal
1 likes
ये बस कहने में लगता है सरल है सरल भी है कठिन अपनी जगह पर
Murari Mandal
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Murari Mandal.
Similar Moods
More moods that pair well with Murari Mandal's sher.







