समय का फेर बदलेगा किसी दिन अभी तो हम भी ठोकर खा रहे हैं
Related Sher
रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
307 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
मैं ने जो कुछ भी सोचा हुआ है, मैं वो वक़्त आने पे कर जाऊँगा तुम मुझे ज़हर लगते हो और मैं किसी दिन तुम्हें पी के मर जाऊँगा
Tehzeeb Hafi
285 likes
गले तो लगना है उस से कहो अभी लग जाए यही न हो मेरा उस के बग़ैर जी लग जाए मैं आ रहा हूँ तेरे पास ये न हो कि कहीं तेरा मज़ाक़ हो और मेरी ज़िंदगी लग जाए
Tehzeeb Hafi
267 likes
More from Akash Gagan Anjaan
ज़रा सा भर गए क्या देखिए ना घड़े झगड़ा नदी से कर रहे हैं
Akash Gagan Anjaan
0 likes
उस की चौखट को चू में बिन अपना तीर्थ अधूरा है औरों की ख़ातिर बस चारों धाम बहुत होते होंगे
Akash Gagan Anjaan
0 likes
कुछ ख़्वाब कभी पूरे नहीं होने यहाँ पर बोझिल हैं अगर पलकें तो सामान उतारो तुम जैसों को चाहा था कभी मैं ने ग़ज़ब है आ कर के किसी रोज़ ये एहसान उतारो
Akash Gagan Anjaan
0 likes
ख़ुशी के पेड़ काटे जा रहे हैं बड़ी ज़ालिम ग़मों की आरियाँ हैं
Akash Gagan Anjaan
0 likes
सब लोगों में कमियाँ ढूँढ़ने वाले लोग अपने कॉलर तक भी काश पहुँच पाते
Akash Gagan Anjaan
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Akash Gagan Anjaan.
Similar Moods
More moods that pair well with Akash Gagan Anjaan's sher.







