सारी रस्में बाक़ी हैं बस इक हाँ की देरी है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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मेरी दुनिया उजड़ गई इस में तुम इसे हादसा समझते हो आख़िरी रास्ता तो बाक़ी है आख़िरी रास्ता समझते हो
Himanshi babra KATIB
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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उस ने माना नहीं ख़ुदा का ये एक फ़रमान आदम ने सेब तोड़ने की हिमाक़त की है
Sanjay Vyas 'Sahiba'
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उस का होना मेरी ज़िंदगी में ऐसा है जैसे इक नुक़्ते से मआ'नी बदल जाता है
Sanjay Vyas 'Sahiba'
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उतना बाक़ी हूँ मैं ज़रा सा मुझ में जितना बाक़ी है तेरा आना मुझ में उस दिन ख़ुद को छोड़ निकल जाऊँगा जब पूरा का पूरा वो होगा मुझ में
Sanjay Vyas 'Sahiba'
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शादी में बुलाते हैं दोस्त को आशिक़ और दीवानों को नहीं
Sanjay Vyas 'Sahiba'
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मुझ में ही ऐब बहुत सारे हैं मशवरे दूसरों को दे रहा हूँ
Sanjay Vyas 'Sahiba'
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