उस ने माना नहीं ख़ुदा का ये एक फ़रमान आदम ने सेब तोड़ने की हिमाक़त की है
Related Sher
उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
151 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
283 likes
More from Sanjay Vyas 'Sahiba'
उतना बाक़ी हूँ मैं ज़रा सा मुझ में जितना बाक़ी है तेरा आना मुझ में उस दिन ख़ुद को छोड़ निकल जाऊँगा जब पूरा का पूरा वो होगा मुझ में
Sanjay Vyas 'Sahiba'
0 likes
तुम नहीं देखती आईना आईना देखता है तुम्हें
Sanjay Vyas 'Sahiba'
2 likes
सारी रस्में बाक़ी हैं बस इक हाँ की देरी है
Sanjay Vyas 'Sahiba'
2 likes
ख़्वाब जो देखा न हो मैं ने वो हक़ीक़त कैसे ही होगा
Sanjay Vyas 'Sahiba'
2 likes
पहले सिर्फ़ तेरे बारे में ही सोचा करते थे अब तेरे बारे में सिर्फ़ कभी सोचा करते हैं
Sanjay Vyas 'Sahiba'
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Sanjay Vyas 'Sahiba'.
Similar Moods
More moods that pair well with Sanjay Vyas 'Sahiba''s sher.







