शाख से टूट के पत्ते हवा की ओर चले जिस तरह टूटे हुए दिल ख़ुदा की ओर चले
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बात ही कब किसी की मानी है अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी ये कलाई ये जिस्म और ये कमर तुम सुराही ज़रूर तोड़ोगी
Jaun Elia
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अब हवाएँ ही करेंगी रौशनी का फ़ैसला जिस दिए में जान होगी वो दिया रह जाएगा
Mahshar Badayuni
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तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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ये मेरा ज़र्फ़ है जो मैं तिरा हूँ आज तलक वरना बैठी हैं बहुत बस मिरी इक हाँ के लिए
Raj Tiwari
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मोहब्बतों का सिलसिला बदल गया वफ़ा का एक दौर था बदल गया
Raj Tiwari
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राज इस फ़ैसले पर ज़रा ग़ौर कर ज़िंदगी का सफ़र तन्हा कटता नहीं
Raj Tiwari
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ज़िंदगी हर सबक़ सलीक़े से जाते जाते सिखाते जाती है
Raj Tiwari
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ज़बाँ दिल की यहाँ पर कौन समझे ख़मोशी को यहाँ सब मौन समझे
Raj Tiwari
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