Related Sher

लिख के उँगली से धूल पे कोई ख़ुद हँसा अपनी भूल पे कोई याद कर के किसी के चेहरे को रख गया होंठ फूल पे कोई

Sandeep Thakur

77 likes

जो तुम्हें मंज़िल पे ले जाएँगी वो राहें अलग हैं मैं वो रस्ता हूँ कि जिस पर तुम भटक कर आ गई हो

Harman Dinesh

71 likes

चुप रहते हैं चुप रहने दो राज़ बताओ खोले क्या बात वफ़ा की तुम करती हो बोलो हम कुछ बोले क्या उल्फ़त तो अफ़साना है तुम करती खूब सियासत हो हम भी हैं मक़बूल बहुत अब बोल किसी के होलें क्या

Anand Raj Singh

77 likes

दिल तुम्हारा भी किसी से लगे तो तुम जानो किस तरह हँसते हुए ज़हर पिया जाता है

Harsh saxena

47 likes

न सहम कर न डर के छोड़ता है हंस तालाब मर के छोड़ता है वक़्त बर्बाद करने वालों को वक़्त, बर्बाद कर के छोड़ता है

Harman Dinesh

70 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Hafeez Jaunpuri.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Hafeez Jaunpuri's sher.