shab ko mai khub si pi subh ko tauba kar li rind ke rind rahe hath se jannat na gai
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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मुझ सेे बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ सेे बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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जिस ने कुछ एहसाँ किया इक बोझ सर पर रख दिया सर से तिनका क्या उतारा सर पे छप्पर रख दिया
Jalal Lakhnavi
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मैं ने पूछा कि है क्या शग़्ल तो हँसकर बोले आज कल हम तेरे मरने की दुआ करते हैं
Jalal Lakhnavi
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न हो बरहम जो बोसा बे-इजाज़त ले लिया मैं ने चलो जाने दो बे-ताबी में ऐसा हो ही जाता है
Jalal Lakhnavi
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