शब्दों में उतनी अश्लीलता ही नहीं जितनी मन में किसी के ठरक होती है
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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वो लड़का जो तुम्हें कहीं मिल गया है वही जिस पे तुम्हारा ये दिल गया है सखी वो बहुत अच्छा लड़का है मुझ सेे तभी दूर तुम सेे ये साहिल गया है
Sahil Verma
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फूल से काँटे कोई तो चुनना चाहे कोई हो जो मेरी बातें सुनना चाहे मैं ख़यालों में ही जिस के खो चुका हूँ काश वो भी ख़्वाब मेरे बुनना चाहे
Sahil Verma
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याद है जब कहा करती थी माँ घर आ तेरी मरम्मत करूँँगी
Sahil Verma
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फूल से काँटे कोई तो चुनना चाहे कोई हो जो मेरी बातें सुनना चाहे
Sahil Verma
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कुछ बातें ख़ुद से भी छिपाई जाती हैं सारी नहीं सब को बताई जाती हैं
Sahil Verma
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