कुछ बातें ख़ुद से भी छिपाई जाती हैं सारी नहीं सब को बताई जाती हैं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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हार हो जाती है जब मान लिया जाता है जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है
Shakeel Azmi
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कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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याद है जब कहा करती थी माँ घर आ तेरी मरम्मत करूँँगी
Sahil Verma
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याद बनकर लिखा होता दिल पे जो भी एक आँसू वो सब कुछ मिटा आता है
Sahil Verma
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वो लड़का जो तुम्हें कहीं मिल गया है वही जिस पे तुम्हारा ये दिल गया है सखी वो बहुत अच्छा लड़का है मुझ सेे तभी दूर तुम सेे ये साहिल गया है
Sahil Verma
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फूल से काँटे कोई तो चुनना चाहे कोई हो जो मेरी बातें सुनना चाहे मैं ख़यालों में ही जिस के खो चुका हूँ काश वो भी ख़्वाब मेरे बुनना चाहे
Sahil Verma
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ठंडी हवा की सोहबत में हो रही बारिश है लगता है ये सर्दी की कोई नई साज़िश है
Sahil Verma
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