शव बूढ़े पिताजी का काँपना ही था बेटे ने अरसे बा'द छुआ जो था
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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तुम मोहब्बत को खेल कहते हो हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली
Bashir Badr
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तुम्हारे बा'द ये दुख भी तो सहना पड़ रहा है किसी के साथ मजबूरी में रहना पड़ रहा है
Ali Zaryoun
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मोहब्बत अपनी क़िस्मत में नहीं है इबादत से गुज़ारा कर रहे है
Fahmi Badayuni
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मुझ को तलब तो जिस्म की थी ही नहीं अब दिल लगाने की भी हसरत मिट गई
Sachit Agrawal
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आता नहीं है घर में राशन इश्क़ से आशिक़ तभी तो नौकरी करने लगे
Sachit Agrawal
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फ़िल्म हो या अस्लियत लड़का ही क्यूँ पगलाता है इश्क़ हो या जंग हो लड़का ही मारा जाता है
Sachit Agrawal
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बारिश का पानी गुम-सुम है नाव नहीं बनती बच्चों से
Sachit Agrawal
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वक़्त भी अपने भीतर कितना बोझ लिए चलता होगा रिश्ता कोई भी टूटे इल्ज़ाम समय पर आता है
Sachit Agrawal
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