वक़्त भी अपने भीतर कितना बोझ लिए चलता होगा रिश्ता कोई भी टूटे इल्ज़ाम समय पर आता है
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बिठा दिया है सिपाही के दिल में डर उस ने तलाशी दी है दुपट्टा उतार कर उस ने मैं इस लिए भी उसे ख़ुद-कुशी से रोकता हूँ लिखा हुआ है मेरा नाम जिस्म पर उस ने
Zia Mazkoor
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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सादा हूँ और ब्रैंड्स पसंद नहीं मुझ को मुझ पर अपने पैसे ज़ाया' मत करना
Ali Zaryoun
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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शव बूढ़े पिताजी का काँपना ही था बेटे ने अरसे बा'द छुआ जो था
Sachit Agrawal
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मुझ को तलब तो जिस्म की थी ही नहीं अब दिल लगाने की भी हसरत मिट गई
Sachit Agrawal
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बारिश का पानी गुम-सुम है नाव नहीं बनती बच्चों से
Sachit Agrawal
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फ़िल्म हो या अस्लियत लड़का ही क्यूँ पगलाता है इश्क़ हो या जंग हो लड़का ही मारा जाता है
Sachit Agrawal
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आता नहीं है घर में राशन इश्क़ से आशिक़ तभी तो नौकरी करने लगे
Sachit Agrawal
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