शा'इरी छोड़ दी जाए ज़िंदगी छोड़ दी जाए अब किसे मिलने की फ़ुर्सत दोस्ती छोड़ दी जाए
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुम ने छोड़ा तो किसी और से टकराऊँगा मैं कैसे मुमकिन है कि अंधे का कहीं सर न लगे
Umair Najmi
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किताब फ़िल्म सफ़र इश्क़ शा'इरी औरत कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढ़ता हुआ मैं
Jawwad Sheikh
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वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
Sahir Ludhianvi
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वो हैं महफ़ूज़ जो हैं क़ैद में यारों अगर हम सेे हुए आज़ाद रोयेंगे
Harsh Kumar
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यारों उस की ख़ुशी के लिए मर जाना ही बेहतर था
Harsh Kumar
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ज़िंदगी को मैं नाश करता हूँ ज़िंदगी मुझ को नाश करती है
Harsh Kumar
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अच्छे लोगों से जाना है बहुत बुरा है अच्छा होना
Harsh Kumar
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ज़मीं से उस का सौदा हो गया है हमारा बीज पौधा हो गया है
Harsh Kumar
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