शहर तो ख़ाली पड़ा है यार अब तू ही बता आज किस का ध्यान खींचूँ बंद कमरों की तरफ़
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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ये कि मेरा आसमाँ जो आ गया नज़र तुम्हें बारिशें सिखा रही हैं इक नया हुनर तुम्हें
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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यूँँ तख़्त-गाह से रब का तबादला देखा इसी बिना पे फ़रिश्तों में फ़ासला देखा
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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पूछना हाल दिखे जब भी परेशाँ होते थक गया है तिरा ये शहर फ़रोज़ाँ होते
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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मिरे ख़ुदा कि वदीअत बिगाड़ ली मैं ने सभी से आज वक़ीअत बिगाड़ ली मैं ने सुना है एक दफ़ा मौत हाथ थामेगी इसी ख़ुशी में तबीअत बिगाड़ ली मैं ने
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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नशे के हाल में जिस रोज़ मुझ को घर उतारा था जफ़ा-जू ने मिरे दिल से ख़ुदा का डर उतारा था बड़ा मासूम लगता था उसे हम दोस्त कहते थे मिरी तलवार से जिस ने मिरा ही सर उतारा था
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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