ये कि मेरा आसमाँ जो आ गया नज़र तुम्हें बारिशें सिखा रही हैं इक नया हुनर तुम्हें
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ख़ुशी से काँप रही थीं ये उँगलियाँ इतनी डिलीट हो गया इक शख़्स सेव करने में
Fahmi Badayuni
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तुम्हें इक मश्वरा दूँ सादगी से कह दो दिल की बात बहुत तैयारियाँ करने में गाड़ी छूट जाती है
Zubair Ali Tabish
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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ज़ुल्म के क़िस्से सुनाए जब कभी तफ़्सीर से ख़ून धीरे से उतर आया मिरी तस्वीर से मैं ज़मीं से यूँँ लिपट कर रो नहीं सकता फ़क़त आसमाँ ने बाँध रक्खा है मुझे ज़ंजीर से
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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साज़िशें हज़ार कर तू मौत से लड़ा मुझे ऐ मिरे अज़ीज़ एक मर्तबा हरा मुझे मुस्कुराते दिन के सुख से अब मुझे है क्या ग़रज़ तू उदास शाम की वो सिसकियाँ गिना मुझे
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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पूछना हाल दिखे जब भी परेशाँ होते थक गया है तिरा ये शहर फ़रोज़ाँ होते
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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शहर तो ख़ाली पड़ा है यार अब तू ही बता आज किस का ध्यान खींचूँ बंद कमरों की तरफ़
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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कोई इक सम्त तो वहशत दिखा जाए हुनर पानी जलाने का सिखा जाए
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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