शे'र कहने अलावा मेरे हाथ एक बूढ़े की बैसाखी भी है
Related Sher
कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
321 likes
तुझ को छू कर और किसी की चाह रखें हैरत है और लानत ऐसे हाथों पर
Varun Anand
83 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
126 likes
मैं चूमता हूँ तो वो हाथ खींच लेता है उसे पता है ये सीढ़ी कहाँ पे जानी है
Nadir Ariz
104 likes
More from Jagveer Singh
रस्सी चाक़ू कहते मुझ को अक्सर बेहतर होगा ग़लत क़दम उट्ठा ले
Jagveer Singh
2 likes
मज़हब पर आ जाए बात तो बस्ती जलती है रेप अगर हो तो सिर्फ़ मोमबत्ती जलती है
Jagveer Singh
2 likes
ज़िंदगी आगे निकल जानी हमारी यादें पीछे छूट जानी हैं तुम्हारी कोई भी रोए तो हम हँसते हैं यारों भावनाएँ मर गईं सारी की सारी
Jagveer Singh
4 likes
या अल्लाह लब पर हँसी दे मगर ख़ून में गर्मी भी दे मेरे दुख पे ख़ुश होने वाले ख़ुदा तुझ को भी ये ख़ुशी दे
Jagveer Singh
4 likes
वही हुआ है जो होना तय था जो तय है आगे वही होना ये मसअला क्यूँँ भला जो तय है वही हुआ उस पे क्या रोना अगर है बस में जो सब ख़ुदा के तो उस के बंदों तुम्हें क्या फ़िक्र हैं रिंद हम होना है जो भी गर हमारा हम से ही वो होना
Jagveer Singh
3 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Jagveer Singh.
Similar Moods
More moods that pair well with Jagveer Singh's sher.







