शे'र मेरा सुन के अहल-ए-बज़्म तो ख़ामोश थी मेरे आगे लिखने वाले तब्सिरा करते रहे
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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जो दुनिया को सुनाई दे उसे कहते हैं ख़ामोशी जो आँखों में दिखाई दे उसे तूफ़ान कहते हैं
Rahat Indori
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कुछ न कुछ बोलते रहो हम सेे चुप रहोगे तो लोग सुन लेंगे
Fahmi Badayuni
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तुम दिवाने लगते हो तुम कहाँ से आए हो तुम जहाँ भी बैठोगे रतजगा हो जाएगा
Rakesh Mahadiuree
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मुहब्बत चार दिन की चाँदनी है यहाँ सौ जन्म का अँधियार साईं
Rakesh Mahadiuree
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सबका मिलना दोस्त कहाँ हो पाता है हम जैसों को हसरत ज़िंदा रखती है
Rakesh Mahadiuree
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क़ल्ब का नाम क़ल्ब होता है अक़्ल का नाम जी-हुज़ूरी है
Rakesh Mahadiuree
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जिस शख़्स को हर वक़्त ही बेहतर की तलब हो चालाक हो सकता है वो प्यारा नहीं होगा
Rakesh Mahadiuree
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