सोचता हूँ कि यूँँ न हो इक दिन ये ज़मीं कोई आसमाँ निकले
Related Sher
दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
139 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता
Mirza Ghalib
149 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
More from Vikas Rana
लो रख दी जान पलड़े पर तुम अपनी शा'इरी रक्खो
Vikas Rana
25 likes
कोई तितली पकड़ लें अगर फूल पर रख दिया कीजिए
Vikas Rana
29 likes
हम ने चाहे थे अच्छे दिन तुम सेे तुम ने भी अच्छे दिन दिखाए हैं
Vikas Rana
27 likes
मुझ को ये मालूम नहीं था तुम सेे मिलने से पहले दोस्त जल्दी आँखें भरने वालों के मन जल्दी भर जाते हैं
Vikas Rana
27 likes
जाने कितने घटे-बढ़े होंगे मुद्दतें हो गईं सितारे गिने
Vikas Rana
31 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Vikas Rana.
Similar Moods
More moods that pair well with Vikas Rana's sher.







