सुनो ईमान की रस्सी बहुत बारीक होती है बिना बाज़ीगरी के कोई उस पर चल नहीं सकता
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मैं भी बहुत अजीब हूँ इतना अजीब हूँ कि बस ख़ुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं
Jaun Elia
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बहुत मज़ाक़ उड़ाते हो तुम ग़रीबों का मदद तो करते हो तस्वीर खींच लेते हो
Nawaz Deobandi
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हाथ ख़ाली है तेरे शहर से जाते जाते जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते
Rahat Indori
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सुहागन भी बता देगी मगर तुम पूछो विधवा से ये मंगलसूत्र ज़ेवर के अलावा भी बहुत कुछ है ये क्या इक मक़बरे को आख़री हद मान बैठे हो मोहब्बत संग-ए-मरमर के अलावा भी बहुत कुछ है
Zubair Ali Tabish
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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ज़िन्दगी क़र्ज़ की तेरी साँसें सूद के साथ मैं चुका दूँगा
Saarthi Baidyanath
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ज़िंदगी गुदगुदी के जैसी है आप रोने लगोगे हँसते हुए
Saarthi Baidyanath
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तेरे ख़िलाफ़ मैं बोलूँ कोई कमाल नहीं कमाल है कि बना लूँ हिमायती तुझ को
Saarthi Baidyanath
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तेरे ख़िलाफ़ मैं बोलूँ कोई कमाल नहीं कमाल है कि बना लूँ हिमायती तुझ को
Saarthi Baidyanath
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तेरी अँगड़ाई बालिग़ हो गई है मेरी तन्हाई बालिग़ हो गई है
Saarthi Baidyanath
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