तानाशाही पे हवाएँ भी उतर आई हैं अब मैं ने आवाज़ उठाई तो बुझा डाला मुझे
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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यही तो ज़िंदगी की ख़ूबसूरती है मियाँ किसी को इल्म नहीं कल यहाँ पे क्या होगा
Ramnath Shodharthi
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तुम तो किसी भी बात पे कुछ बोलते नहीं मैं कम ही बोलता हूँ मगर बोलता तो हूँ
Ramnath Shodharthi
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क़ैद कर लोगे जिसे कोई परिंदा मैं नहीं आसमाँ हूँ किसी पिंजरे में नहीं आऊँगा
Ramnath Shodharthi
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रात दिन चूमते हो फूलों को मुझ में काँटे लगे हुए हैं क्या
Ramnath Shodharthi
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मुझ से इस बात पर ख़फ़ा है वो उस से मैं क्यूँ ख़फ़ा नहीं होता
Ramnath Shodharthi
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