ता'उम्र उस को ठीक से इक ख़त न लिख सका बस काग़ज़ों की नाव बनाता रहा हूँ मैं
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मैं जब मर जाऊँ तो मेरी अलग पहचान लिख देना लहू से मेरी पेशानी पे हिंदुस्तान लिख देना
Rahat Indori
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जनाज़े पर मेरे लिख देना यारों मोहब्बत करने वाला जा रहा है
Rahat Indori
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किसी बहाने से उस की नाराज़गी ख़त्म तो करनी थी उस के पसंदीदा शाइ'र के शे'र उसे भिजवाए हैं
Ali Zaryoun
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लिख के उँगली से धूल पे कोई ख़ुद हँसा अपनी भूल पे कोई याद कर के किसी के चेहरे को रख गया होंठ फूल पे कोई
Sandeep Thakur
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जब मुंडेरों से धूप ढलती है तो कमी उस की मुझ को खलती है जो हथेली पे अपनी लिखती थी दोस्ती प्यार में बदलती है
Sandeep Thakur
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वो मेरी रूह तक क़ब्ज़ा चुकी है मैं जिस को छोड़ जाना चाहता हूँ
Rohit tewatia 'Ishq'
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वो जिस की हो चुकी है मुझ से पहले मेरी रानी का वो राजा नहीं है
Rohit tewatia 'Ishq'
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तमन्ना है मेरे दिल में रहो तुम मकाँ को घर बनाना चाहता हूँ
Rohit tewatia 'Ishq'
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ज़माने में नहीं अब माँग इस की तभी ये इश्क़ सस्ता हो रहा है
Rohit tewatia 'Ishq'
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ज़माना जल उठा मेरे उजाले से कुछ अच्छा सोच कर रौशन हुआ था मैं
Rohit tewatia 'Ishq'
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