तमाम रात एक शख़्स के लिए जला के छोड़ रक्खे थे सभी दिए
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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इसीलिए तो मैं रोया नहीं बिछड़ते समय तुझे रवाना किया है जुदा नहीं किया है
Ali Zaryoun
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या तो हासिल हो बस मुझे वो शख़्स या तो सब पर हराम हो जाए
Yamir Ahsan
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ले जाऊँ सफ़र ये सितारों से आगे मगर तुम बढ़ो तो इशारों से आगे
Yamir Ahsan
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पंखा दीवार और खिड़कियों पर नज़र जाती है रात यूँँ ही गुज़रनी थी यूँँ ही गुज़र जाती है इश्क़ ने कौन सी तार जाने कहाँ जोड़ दी दिल कभी भरने लग जाए तो आँख भर जाती है
Yamir Ahsan
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इश्क़ महँगा पड़ रहा है तुम को यामिर ज़ख़्म किश्तों में अभी तक मिल रहे हैं
Yamir Ahsan
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क्यूँँ सब इतना हसीं है, नए साल पर कुछ नया तो नहीं है, नए साल पर फिर तमन्ना मुहब्बत की करने लगे? फिर से तुम को यक़ीं है नए साल पर
Yamir Ahsan
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