तमाम शहर को तारीकियों से शिकवा है मगर चराग़ की बैअत से ख़ौफ़ आता है
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हमेशा इक दूसरे के हक़ में दुआ करेंगे ये तय हुआ था मिलें या बिछड़ें मगर तुम्हीं से वफ़ा करेंगे ये तय हुआ था
Shabeena Adeeb
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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मैं छुप रहा हूँ कि जाने किस दम उतार डाले लिबास मुझ को
Aziz Nabeel
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'नबील' इस इश्क़ में तुम जीत भी जाओ तो क्या होगा ये ऐसी जीत है पहलू में जिस के हार चलती है
Aziz Nabeel
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न जाने कैसी महरूमी पस-ए-रफ़्तार चलती है हमेशा मेरे आगे आगे इक दीवार चलती है
Aziz Nabeel
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चाँद तारे इक दिया और रात का कोमल बदन सुब्ह-दम बिखरे पड़े थे चार सू मेरी तरह
Aziz Nabeel
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वो एक राज़ जो मुद्दत से राज़ था ही नहीं उस एक राज़ से पर्दा उठा दिया गया है
Aziz Nabeel
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