तन्हाई में उस को पुकारा करते हैं ऐसे ही हम तो बस गुज़ारा करते हैं अब उस को हम सेे कोई नाता ही नहीं अब शहर से उस के किनारा करते हैं
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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यहाँ मेरा कोई शनासा न हो मोहब्बत हो लेकिन तमाशा न हो
Vaseem 'Haidar'
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ज़िंदगी मेरी जैसी किसी की न हो हो अगर ऐसी तो ज़िंदगी ही न हो
Vaseem 'Haidar'
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यार रौनक बहुत थी वहाँ पर फ़िक्र तेरी मुझे खा रही थी हाल मेरा बुरा था कहूँ क्या याद तेरी मुझे आ रही थी
Vaseem 'Haidar'
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यार ने यार धोका दिया यार की जान ले जाइऐ दोस्त मेरे कहीं है नहीं फ़िक्र सामान ले जाइए
Vaseem 'Haidar'
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याद करती नहीं हो क्यूँँ जानाँ तुम वहाँ कुछ सजा रही हो क्या फ़िक्र हम को बहुत तुम्हारी है हम को यकसर भुला रही हो क्या
Vaseem 'Haidar'
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