याद करती नहीं हो क्यूँँ जानाँ तुम वहाँ कुछ सजा रही हो क्या फ़िक्र हम को बहुत तुम्हारी है हम को यकसर भुला रही हो क्या
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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तन्हाई में उस को पुकारा करते हैं ऐसे ही हम तो बस गुज़ारा करते हैं अब उस को हम सेे कोई नाता ही नहीं अब शहर से उस के किनारा करते हैं
Vaseem 'Haidar'
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तस्वीर रख कर तेरी देखा करते हैं जाँ देख हम ऐसे गुज़ारा करते हैं अब याद सीने से लगा के सोते हैं ये काम हम तो कब से ऐसा करते हैं
Vaseem 'Haidar'
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यहाँ मेरा कोई शनासा न हो मोहब्बत हो लेकिन तमाशा न हो
Vaseem 'Haidar'
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यार रौनक बहुत थी वहाँ पर फ़िक्र तेरी मुझे खा रही थी हाल मेरा बुरा था कहूँ क्या याद तेरी मुझे आ रही थी
Vaseem 'Haidar'
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सुनो मैं क्यूँँ गुलाब नइं लाया मुझे तुम को गले लगाना है ये महँगे गिफ़्ट कौन लाए अब तुम्हें तो घर में अपने लाना है
Vaseem 'Haidar'
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