तराशा इश्क़ से मुझ को मगर मैं अश्म अच्छा जो रहा बुत इश्क़ में कह कर रुला देगी यही दुनिया
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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लोग मिलते हैं मगर दिल नहीं मिल पाते हैं हर मुलाक़ात में कुछ फ़ासला भर होता है
Kushal "PARINDA"
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याद हर रोज़ तुम्हें दिल में करता हूँ मैं देख तस्वीर तेरी दिल में भरता हूँ मैं
Kushal "PARINDA"
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मोहब्बत देखनी हो देख लो पानी की लकड़ी पे बचाया डूब जाने से जिसे पाला ज़माने से
Kushal "PARINDA"
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तेरे आने न आने से मुझे क्या फ़र्क़ पड़ता है ज़रा इक बार आ कर देख मेरे दिल कि धड़कन को
Kushal "PARINDA"
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मुझे तुम सेे मोहब्बत है इधर देखो न तुम जाना तुझे पाने कि ख़ातिर हर जगह मिटकर खड़े हैं हम
Kushal "PARINDA"
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