तेरा दीदार करना हो हमें तो कैसे मुमकिन हो भले हो साथ तस्वीर-ए-ख़याली तेरी लेकिन हो अधर यूँँ मौन रख कर बस हमें सुनती रहोगी क्या कभी तस्वीर हाल-ए-दिल कहे ऐसा भी इक दिन हो
Related Sher
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे
Mirza Ghalib
180 likes
तुम ने छोड़ा तो किसी और से टकराऊँगा मैं कैसे मुमकिन है कि अंधे का कहीं सर न लगे
Umair Najmi
112 likes
More from Hemant Sakunde
सोचता हूँ छोड़ दूँ अब शे'र कहना सोच कर इक शे'र कैसे चुप रहूँ मैं
Hemant Sakunde
1 likes
सब राज करना चाहते जिस क़ल्ब पर उस पर सियासत तो हमारी ही रही
Hemant Sakunde
1 likes
उस फूल से ख़ुशबू चुरा लूँ मैं अगर दो चार काँटे भी चुभे तो डर नहीं
Hemant Sakunde
1 likes
वो माँगते हम सेे हमारी ज़िंदगी हम तब थमा देते हमारी वो क़लम
Hemant Sakunde
1 likes
है सफ़र ये वाक़'ई में दूर या हम सफ़र हम ने ग़लत फिर से चुना
Hemant Sakunde
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Hemant Sakunde.
Similar Moods
More moods that pair well with Hemant Sakunde's sher.







