वो माँगते हम सेे हमारी ज़िंदगी हम तब थमा देते हमारी वो क़लम
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ज़मीं पे घर बनाया है मगर जन्नत में रहते हैं हमारी ख़ुश-नसीबी है कि हम भारत में रहते हैं
Mehshar Afridi
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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मुझ सेे बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ सेे बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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तेरा दीदार करना हो हमें तो कैसे मुमकिन हो भले हो साथ तस्वीर-ए-ख़याली तेरी लेकिन हो अधर यूँँ मौन रख कर बस हमें सुनती रहोगी क्या कभी तस्वीर हाल-ए-दिल कहे ऐसा भी इक दिन हो
Hemant Sakunde
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उस फूल से ख़ुशबू चुरा लूँ मैं अगर दो चार काँटे भी चुभे तो डर नहीं
Hemant Sakunde
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सोचता हूँ छोड़ दूँ अब शे'र कहना सोच कर इक शे'र कैसे चुप रहूँ मैं
Hemant Sakunde
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सब राज करना चाहते जिस क़ल्ब पर उस पर सियासत तो हमारी ही रही
Hemant Sakunde
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दूर से तो राह आसाँ सी लगी जब चले, काँटे चुभे पैरों तले
Hemant Sakunde
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