उस फूल से ख़ुशबू चुरा लूँ मैं अगर दो चार काँटे भी चुभे तो डर नहीं
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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वो माँगते हम सेे हमारी ज़िंदगी हम तब थमा देते हमारी वो क़लम
Hemant Sakunde
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सोचता हूँ छोड़ दूँ अब शे'र कहना सोच कर इक शे'र कैसे चुप रहूँ मैं
Hemant Sakunde
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पल में होते आँसू ओझल डरते हैं लोगों से मिल कर
Hemant Sakunde
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तेरा दीदार करना हो हमें तो कैसे मुमकिन हो भले हो साथ तस्वीर-ए-ख़याली तेरी लेकिन हो अधर यूँँ मौन रख कर बस हमें सुनती रहोगी क्या कभी तस्वीर हाल-ए-दिल कहे ऐसा भी इक दिन हो
Hemant Sakunde
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बस इक तलब थी उस समय इरशाद की कुछ शे'र हम को भी सुनाने थे उसे
Hemant Sakunde
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