दूर से तो राह आसाँ सी लगी जब चले, काँटे चुभे पैरों तले
Related Sher
जब भी दीवाना कोई राह भटक जाता है सब से पहले तो मेरा आप पे शक जाता है
Vikram Gaur Vairagi
67 likes
बात ही कब किसी की मानी है अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी ये कलाई ये जिस्म और ये कमर तुम सुराही ज़रूर तोड़ोगी
Jaun Elia
161 likes
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
रौशनी बढ़ने लगी है शहर की चाँद छत पर आ गया है देखिए
Divy Kamaldhwaj
64 likes
यार भी राह की दीवार समझते हैं मुझे मैं समझता था मेरे यार समझते हैं मुझे
Shahid Zaki
64 likes
More from Hemant Sakunde
उस फूल से ख़ुशबू चुरा लूँ मैं अगर दो चार काँटे भी चुभे तो डर नहीं
Hemant Sakunde
1 likes
निज़ाम-ए-दहर को तो अब नहीं हम रोक सकते पर तुझे क्या जल्दी थी इस पुष्प को मुरझाने की मौला
Hemant Sakunde
1 likes
सब राज करना चाहते जिस क़ल्ब पर उस पर सियासत तो हमारी ही रही
Hemant Sakunde
1 likes
पल में होते आँसू ओझल डरते हैं लोगों से मिल कर
Hemant Sakunde
1 likes
तेरा दीदार करना हो हमें तो कैसे मुमकिन हो भले हो साथ तस्वीर-ए-ख़याली तेरी लेकिन हो अधर यूँँ मौन रख कर बस हमें सुनती रहोगी क्या कभी तस्वीर हाल-ए-दिल कहे ऐसा भी इक दिन हो
Hemant Sakunde
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Hemant Sakunde.
Similar Moods
More moods that pair well with Hemant Sakunde's sher.







