निज़ाम-ए-दहर को तो अब नहीं हम रोक सकते पर तुझे क्या जल्दी थी इस पुष्प को मुरझाने की मौला
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरा दीदार करना हो हमें तो कैसे मुमकिन हो भले हो साथ तस्वीर-ए-ख़याली तेरी लेकिन हो अधर यूँँ मौन रख कर बस हमें सुनती रहोगी क्या कभी तस्वीर हाल-ए-दिल कहे ऐसा भी इक दिन हो
Hemant Sakunde
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उस फूल से ख़ुशबू चुरा लूँ मैं अगर दो चार काँटे भी चुभे तो डर नहीं
Hemant Sakunde
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क़ुदरत अचानक क्यूँ हसीं लगने लगी ये इक नई मुस्कान उल्फ़त तो नहीं
Hemant Sakunde
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वो माँगते हम सेे हमारी ज़िंदगी हम तब थमा देते हमारी वो क़लम
Hemant Sakunde
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पल में होते आँसू ओझल डरते हैं लोगों से मिल कर
Hemant Sakunde
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