तिरे ग़म का यूँँ मैं ने मान रक्खा तिरे ग़म में रहा पर ख़ुश रहा मैं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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यूँँ तो दुनिया में बेकल रहे हैं हौसले से मगर चल रहे हैं
Sohil Barelvi
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ये तू किस शक्ल में आया है क़ासिद बशारत रास्ते में मर गई क्या?
Sohil Barelvi
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उम्मीद सिर्फ़ तुझ पे टिकी थी ऐ ज़िन्दगी तू ने भी ख़ैर कर ही दिए हाथ अब खड़े
Sohil Barelvi
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उसी की रात सारी है उसी के चाँद तारे हैं मेरे हक़ में कोई टूटा सितारा हो नहीं सकता
Sohil Barelvi
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रहनुमाओं हाथ मेरा था में रहना आप सब के साथ चलना चाहता हूँ
Sohil Barelvi
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