sherKuch Alfaaz

उम्मीद सिर्फ़ तुझ पे टिकी थी ऐ ज़िन्दगी तू ने भी ख़ैर कर ही दिए हाथ अब खड़े

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जा तुझे जाने दिया जानाँ मेरी जानाँ जान अब तू हो गई अनजान हो जैसे

nakul kumar

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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं

Azhar Iqbal

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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा

Tehzeeb Hafi

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रोया हूँ तो अपने दोस्तों में पर तुझ से तो हँस के ही मिला हूँ

Jaun Elia

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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है

Jawwad Sheikh

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