तुम्हारी बे-रूख़ी से लग रहा है क्यूँँ बहुत तकलीफ़ होगी एक दिन मुझ को
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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बहुत मज़ाक़ उड़ाते हो तुम ग़रीबों का मदद तो करते हो तस्वीर खींच लेते हो
Nawaz Deobandi
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तुम्हारे बा'द ये दुख भी तो सहना पड़ रहा है किसी के साथ मजबूरी में रहना पड़ रहा है
Ali Zaryoun
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लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँँ हैं इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँँ हैं मोड़ होता है जवानी का सँभलने के लिए और सब लोग यहीं आ के फिसलते क्यूँँ हैं
Rahat Indori
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यूँँ तो दुनिया में बेकल रहे हैं हौसले से मगर चल रहे हैं
Sohil Barelvi
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वहाँ तक रौशनी क़ाइम रहेगी ये नस्ल-ए-नौ जहाँ तक जा रही है
Sohil Barelvi
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वो तो कुछ सोच समझ कर ही गया है ऐ दिल तू मगर किस लिए बर्बाद करे है ख़ुद को
Sohil Barelvi
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उसी की रात सारी है उसी के चाँद तारे हैं मेरे हक़ में कोई टूटा सितारा हो नहीं सकता
Sohil Barelvi
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पहलू में ख़ुद-कुशी के भी ज़िंदा रहा हूँ मैं कितने ख़राब हाल में तेरा रहा हूँ मैं
Sohil Barelvi
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