तेरी आँखों में छलकती झील का मौसम हसीं अब्र हों जैसे कि महकी हों कहीं फुलवारियाँ
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
979 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
More from Umesh Maurya
जिस्म तो बेचे ख़रीदे जा रहे हैं आवरण रिश्तों रिवाज़ों के चढ़ाकर
Umesh Maurya
0 likes
उस का कोई ख़याल जो बेहतर हो बेहतरीन मैं ने खुली किताब को दिल से लगा लिया
Umesh Maurya
0 likes
ज़मीं का जल कभी बादल रहा है तमाशा ज़िन्दगी का चल रहा है
Umesh Maurya
0 likes
तुम भी अब सच ज़्यादा ज़्यादा बोल रहे हो बच के रहना जल्दी ही मारे जाओगे
Umesh Maurya
0 likes
ये सारा खेल है बस दो घड़ी का नहीं कोई ठिकाना आदमी का
Umesh Maurya
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Umesh Maurya.
Similar Moods
More moods that pair well with Umesh Maurya's sher.







