तुम भी अब सच ज़्यादा ज़्यादा बोल रहे हो बच के रहना जल्दी ही मारे जाओगे
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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जिस्म तो बेचे ख़रीदे जा रहे हैं आवरण रिश्तों रिवाज़ों के चढ़ाकर
Umesh Maurya
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ज़ंजीरें तो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है इन्सानों की ही अदला बदली होती है
Umesh Maurya
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उस की याद न आएगी तो क्या हो जाएगा मेरा मन कोना-कोना सूना हो जाएगा
Umesh Maurya
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वो ख़त भी साथ बूढ़ा हो गया था लिखा पर दे न पाया था उसी को
Umesh Maurya
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तेरी आँखों में छलकती झील का मौसम हसीं अब्र हों जैसे कि महकी हों कहीं फुलवारियाँ
Umesh Maurya
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