तेरी वज़ह से मैं नीम-जाँ सा न जी सकूँ हूँ न मर सकूँ हूँ
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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वो जिस तरह से नाम मेरा लेती है मुझे लगता है मेरे होने से दुनिया जहान है
Gaurav Singh
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प्रेम में मीरा के जैसे मिल तो जाएँगे किशन पर प्रेम गर अटका गले तो प्रेम में जलना पड़ेगा
Gaurav Singh
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उदासी है न यादें हैं न तेरे काल का चक्कर हमारी शाम है जाना तुम्हारे शाम से बेहतर
Gaurav Singh
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नशा कहने लगे हो मुझ को तुम भी तुम्हें भी चढ़ गई मेरी मोहब्बत
Gaurav Singh
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फिर वही रात वही सर्द हवा शोख़ बदन फिर वही उस का मेरे होंठ पे बोसा रखना
Gaurav Singh
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