तेरी यादों का मौसम ख़ूब-सूरत है मगर फिर भी इसे जाना पड़ेगा अब ये अगली रुत में अड़चन है
Related Sher
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
555 likes
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
253 likes
More from Praveen Sharma SHAJAR
वफ़ा थी इश्क़ था मासूमियत थी तुम्हारे बा'द सब कुछ मर गया है
Praveen Sharma SHAJAR
0 likes
उस के बिन तुम रह सकते हो समझो मत ख़ुद को शाइ'र कह सकते हो समझो मत सब को अपना समझा तब ये समझा है सब को अपना कह सकते हो समझो मत
Praveen Sharma SHAJAR
0 likes
ये वो धूप है जिस से दिल को सिर्फ़ भिगोया जा सकता है ये वो नशेमन जिस में केवल ग़म को संजोया जा सकता है जॉन की ग़ज़लें पढ़ने लगे हो तो फिर इतना ध्यान में रखना जॉन की ग़ज़लें पढ़ लेने पर केवल रोया जा सकता है
Praveen Sharma SHAJAR
0 likes
कर लिए हम ने मोहब्बत में कई साल ख़राब अब नए साल में हम सूद-ओ-ज़ियाँ देखेंगे
Praveen Sharma SHAJAR
0 likes
रास आए न मुहब्बत तो भला क्या कीजे अब जो होता ही नहीं पास-ए-वफ़ा क्या कीजे उन को हाकिम की ज़रूरत जो अभी ज़िंदा हैं मुझ सी जलती हुई लाशों की दवा क्या कीजे
Praveen Sharma SHAJAR
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Praveen Sharma SHAJAR.
Similar Moods
More moods that pair well with Praveen Sharma SHAJAR's sher.







