तू बदलता है तो बे-साख़्ता मेरी आँखें अपने हाथों की लकीरों से उलझ जाती हैं
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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ज़ेहन से यादों के लश्कर जा चुके वो मेरी महफ़िल से उठ कर जा चुके मेरा दिल भी जैसे पाकिस्तान है सब हुकूमत कर के बाहर जा चुके
Tehzeeb Hafi
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अपने सामान को बाँधे हुए इस सोच में हूँ जो कहीं के नहीं रहते वो कहाँ जाते हैं
Jawwad Sheikh
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कल रात जो ईंधन के लिए कट के गिरा है चिड़ियों को बहुत प्यार था उस बूढे शजर से
Parveen Shakir
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लड़कियों के दुख अजब होते हैं सुख उस से अजीब हँस रही हैं और काजल भीगता है साथ साथ
Parveen Shakir
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कू-ब-कू फैल गई बात शनासाई की उस ने ख़ुश्बू की तरह मेरी पज़ीराई की
Parveen Shakir
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वो मुसाफ़िर ही खुली धूप का था साए फैला के शजर क्या करते
Parveen Shakir
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अपने क़ातिल की ज़ेहानत से परेशान हूँ मैं रोज़ इक मौत नए तर्ज़ की ईजाद करे
Parveen Shakir
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