तू हो कर भी साथ मिरा नइँ होता क्या ये मेरे साथ बुरा नइँ होता पत्थर पत्थर होता है और कुछ नइँ रब का कोई चेहरा वेहरा नइँ होता
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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ज़मीन है तुम सेे घर है बाबू जी वरना सब काग़ज़ भर है बाबू जी फख़्र से अपने सर को उठा के चलिए आप का लड़का शाइ'र है बाबू जी
Irshad Siddique "Shibu"
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इस तरह से उस ने मुझ को याद रक्खा है नाम अपने बेटे का इरशाद रक्खा है
Irshad Siddique "Shibu"
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ज़रा मैं भी देखूँ वो दिल्ली चीज़ है क्या दोस्त जहाँ पे आ के मुझ को भूल गए
Irshad Siddique "Shibu"
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उस का दिल है वो मालिक है अपने दिल का उस की मर्ज़ी जिस को चाहे रक्खे दिल में
Irshad Siddique "Shibu"
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साथ में मस्ज़िद का मेहमान चला जाएगा जैसे ही माहे रमज़ान चला आएगा
Irshad Siddique "Shibu"
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