तूफ़ाँ से जूझते हुए वहशत में आ गए फिर यूँँ जले चराग़ कि बस आग लग गई
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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सब साफ़ दिख रहा है मुझे दूर तक अभी चेहरे पे तेरे नाम की हल्की सी धूप है
shampa andaliib
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उसी सूरज की मुझ पर रौशनी है जिसे कल साथ में देखा था हम ने
shampa andaliib
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सब मुक़द्दर का खेल होता है अपने हाथों में कुछ नहीं होता
shampa andaliib
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ता-उम्र मेरे सर पे रहा ग़म का आफ़्ताब लेकिन कभी हयात ने रुस्वा नहीं किया
shampa andaliib
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वो ख़ुदा है या है ख़ुदा जैसा जिस के दम पर खड़े हुए हैं हम
shampa andaliib
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